लखनऊ-यूपी में IAS तबादला एक्सप्रेस एक बार फिर दौड़ पड़ी है। करीब एक दर्जन जिलों के कलेक्टर बदले गए हैं।
इस लिस्ट में सबसे ज्यादा चमके अनुनय झा और महेंद्र सिंह तंवर।
महेंद्र सिंह तंवर पिछली बार तबादलों के भंवर में ऐसे फंसे कि किनारा नहीं मिला, इस बार सितारे बुलंद हुए और सीधे कानपुर की कलेक्टरी हाथ लगी। यानी भंवर से निकले और गंगा किनारे जा पहुंचे।
अनुनय झा की गाड़ी हरदोई से निकली तो बीच में कोई स्टेशन ही नहीं आया, सीधे मुरादाबाद। मामला बिल्कुल गंगा एक्सप्रेस-वे वाला रहा। अब संडीला के लड्डुओं की जगह मुरादाबाद की मूंग की दाल का स्वाद लेंगे।
उधर संभल से सुर्खियां बटोरते हुए मुरादाबाद पहुंचे राजेंद्र पेंसिया की कुर्सी पर मौसम जल्दी बदल गया। मुरादाबाद में दाल जमती, उससे पहले ही आदेश आया और साहब कारागार प्रशासन की तरफ रवाना हो गए।
बहुचर्चित दिव्यांशु पटेल को आखिरकार जिला मिल गया, अब बागपत की कमान संभालेंगे।
जितेंद्र प्रताप सिंह की कानपुर पारी समाप्त! करीब 611 दिन में निरीक्षण से लेकर CMO विवाद तक साहब खूब चर्चा में रहे। अब मंडी परिषद पहुंच गए।
मंगला प्रसाद सिंह का रिकॉर्ड भी कम दिलचस्प नहीं, लगातार करीब 6 साल कलेक्टरी। गाजीपुर से हरदोई, फिर बलिया। लंबे समय तक जिलों की पिच पर बल्लेबाजी के बाद अब मामला चीनी हो गया।
उमेश प्रताप सिंह ने शाहजहांपुर के बाद फिर जोरदार वापसी की है, अब बिजनौर के कलेक्टर।
एटा के वायरल वीडियो वाले घटनाक्रम के बाद अरविंद चौहान की कलेक्टरी चली गई, अब खाद्य एवं रसद में नई जिम्मेदारी।
और जसजीत कौर, अस्मिता लाल और ग़ज़ल भारद्वाज को जिलों की पिच से वापस पवेलियन बुला लिया गया है, जबकि एम. अरुणमोली को पहली बार जिले की कप्तानी मिली है।
रिपोर्ट शाज़ेब खान चीफ एडिटर