बदायूं-बदायूं और बरेली मंडल के इतिहास की सबसे बड़ी चिटफंड ठगी का आखिरकार पर्दाफाश हो गया है। जिस महाठगी ने 35 हजार से ज्यादा परिवारों को सड़क पर ला दिया था, उस कांड के मास्टरमाइंड दो सगे भाइयों को एसटीएफ गाजियाबाद और बदायूं कोतवाली पुलिस की संयुक्त टीम ने गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस ने दोनों पर 50-50 हजार का इनाम घोषित कर रखा था और पिछले डेढ़ साल से पूरे प्रदेश में इनकी तलाश चल रही थी।
कैसे की 500 करोड़ की ठगी
जानकारी के मुताबिक, दोनों सगे भाइयों ने बदायूं शहर में एक चमचमाता ऑफिस खोला था और एक फर्जी इन्वेस्टमेंट कंपनी बनाई थी।

उन्होंने गांव-गांव में अपने एजेंट फैला रखे थे। एजेंटों के जरिए भोले-भाले किसानों, मजदूरों, महिलाओं और रिटायर्ड कर्मचारियों को झांसा दिया गया कि हमारी कंपनी में पैसा लगाओ, 2 साल में पैसा डबल, हर महीने 10% ब्याज और साथ में विदेश यात्रा।
शुरुआत में कुछ लोगों को ब्याज भी दिया गया, जिससे लोगों का भरोसा जीत लिया। देखते ही देखते बदायूं, बरेली, संभल, उझानी और दातागंज तक के 35 हजार से ज्यादा लोगों ने अपनी जमीन बेचकर, जेवर गिरवी रखकर, अपनी जीवन भर की कमाई इस कंपनी में लगा दी।
जब कंपनी के पास लगभग 500 करोड़ रुपये इकट्ठा हो गया तो एक रात दोनों भाई ऑफिस पर ताला लगाकर अपने पूरे परिवार के साथ फरार हो गए।
डेढ़ साल तक पुलिस को छकाते रहे, आखिर STF ने बिछाया जाल
ठगी के बाद से ही पीड़ित निवेशक कोतवाली और एसएसपी ऑफिस के चक्कर काट रहे थे। मामला करोड़ों का होने के कारण शासन ने इसे गंभीरता से लिया और मामला एसटीएफ को सौंपा गया।
दोनों भाई लगातार लोकेशन बदल रहे थे कभी दिल्ली कभी हरियाणा, कभी नेपाल बॉर्डर। पुलिस ने इन पर 50-50 हजार का इनाम घोषित किया।
एसटीएफ गाजियाबाद को मुखबिर से पक्की सूचना मिली कि दोनों भाई बदायूं में ही किसी रिश्तेदार के घर छिपे हैं। बस फिर क्या था, एसटीएफ और बदायूं कोतवाली पुलिस ने जाल बिछाया और देर रात दबिश देकर दोनों को दबोच लिया।
अब क्या होगा निवेशकों के पैसे का
पुलिस ने दोनों भाइयों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि 500 करोड़ रुपये कहां गया।
सूत्रों के मुताबिक, पुलिस अब इनकी बेनामी संपत्तियों – प्लॉट, मकान, बैंक खातों और लग्जरी गाड़ियों की जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि इनकी संपत्ति कुर्क कर निवेशकों का पैसा वापस दिलाने की कोशिश की जाएगी।
दोनों भाइयों को आज कोर्ट में पेश कर जेल भेजा जाएगा और रिमांड पर लेकर आगे की पूछताछ की जाएगी।
इस बड़ी गिरफ्तारी के बाद ठगी के शिकार हजारों निवेशकों में एक बार फिर इंसाफ की उम्मीद जगी है।
रिपोर्ट शाज़ेब खान चीफ एडिटर
