लोनी के विकास के मुद्दे उठाना पड़ा भारी 25 हजार का इनामी बना हाजी सलमान राजस्थान के चित्तौड़गढ़ से गिरफ्तार

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गाजियाबाद- लोनी गाजियाबाद निवासी हाजी सलमान की गिरफ्तारी अब सिर्फ एक अपराध की खबर नहीं, बल्कि लोनी की सियासत का बड़ा मुद्दा बन गई है। 25 हजार के इनामी हाजी सलमान को गाजियाबाद पुलिस ने देर रात करीब 1 बजे राजस्थान के चित्तौड़गढ़ से फिल्मी स्टाइल में गिरफ्तार किया।
पुलिस को देख कार भगाई पेड़ से टकराई, बाल-बाल बचा*
पुलिस टीम को देखते ही हाजी सलमान ने अपनी कार तेज रफ्तार में भगाने की कोशिश की, जिसके बाद उसकी कार अनियंत्रित होकर पेड़ से जा टकराई। गनीमत रही कि वह इस हादसे में बाल-बाल बच गया। इसके बाद पुलिस ने उसे मौके पर ही दबोच लिया और गाजियाबाद ले आई। फिलहाल उसे न्यायालय में पेश कर जेल भेजने की तैयारी है। इस गिरफ्तारी के कई वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं।
लेकिन गिरफ्तारी के पीछे की कहानी कुछ और
स्थानीय लोगों और सोशल मीडिया पर चर्चा है कि इस गिरफ्तारी के पीछे की असली वजह कुछ और ही है। बताया जा रहा है कि हाजी सलमान लगातार सोशल मीडिया पर लोनी क्षेत्र के विकास के मुद्दों को उठा रहा था।
हाजी सलमान ने अपने वीडियो और पोस्ट के जरिए लोनी में टूटी सड़कों, जलभराव, गंदगी और विकास कार्यों में लापरवाही को लेकर सवाल खड़े किए थे, जो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुए थे।
सूत्रों के मुताबिक, हाजी द्वारा विकास के मुद्दे उठाए जाने के बाद लोनी के मौजूदा भाजपा विधायक नंद किशोर गुर्जर काफी नाराज हो गए थे। इसके बाद यह मामला धीरे-धीरे तूल पकड़ता चला गया और देखते ही देखते सियासी रंग ले लिया।
समर्थकों में आक्रोश
हाजी सलमान की गिरफ्तारी के बाद उसके समर्थकों में आक्रोश है। उनका कहना है कि हाजी सलमान कोई बदमाश नहीं, बल्कि लोनी की आवाज उठाने वाला एक सामाजिक कार्यकर्ता है। विकास के मुद्दे उठाने पर उसे इनाम घोषित कर इस तरह गिरफ्तार करना गलत है।
वहीं पुलिस का कहना है कि हाजी सलमान पर कई प्रमुख धाराओं में मुकदमा दर्ज हैं और वह एक सप्ताह से फरार चल रहा था इसलिए उस पर इनाम घोषित किया गया था और नियमानुसार कार्रवाई की गई है।
बहरहाल हाजी सलमान की इस हाई-वोल्टेज गिरफ्तारी ने लोनी की सियासत को एक बार फिर गरमा दिया है।
सबसे बड़ा सवाल-
अगर पुलिस ऐसी ही कार्यवाही जो पीड़ित महीनों उच्चाधिकारियों के यहां न्याय के लिए चक्कर लगाते है उनके खिलाफ हो जाये तो कही न कही क्राइम में गिरावट आएगी लेकिन यहां पुलिस ने कही न कही दबाव में कार्यवाही की है मारपीट की धाराओं में पुलिस द्वारा तीन दिन के अंदर इनाम घोषित करना साफ दर्शता है कि पुलिस ने लोकल नेता के दबाब में आकर कार्यवाही की है।
रिपोर्ट शाज़ेब खान चीफ एडिटर