बदायूं-सहसवान में स्थित डॉ रामनिवास गुप्ता हॉस्पिटल की अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट की वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है। जिसमे एक पुरूष द्वारा अपनी अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट का एक वीडियो वसोशल मीडिया पर वायरल किया गया है जिसमे उस व्यक्ति द्वारा आरोप लगाया गया है, कि मेरी रिपोर्ट में डॉ0 साहब द्वारा एक बच्चेदानी दिखाई गई है, जिसको मेने दहगवां स्वास्थ्य केन्द्र में डॉ0 साहब को दिखाया तो उन्होंने बताया कि इसका इलाज या तो बदायूं या दिल्ली में ही हो सकता है या फिर जिन्होने ये रिपोर्ट बनाई है वही इसका इलाज कर सकते है।
नेम सिंह उर्फ सपोर्टर ओर उनके एक साथी द्वारा भी पूरे मामले की जानकारी दी गई है आइए सुनते है वो क्या आरोप लगा रहे है
वही जब इस मामले की जानकारी राम निवास गुप्ता अस्पताल के डारेक्टर आदित्य गुप्ता को हुई तब उन्होंने आरोप लगाया है कि,कुछ लोगों द्वारा ब्लैकमेल करने के इरादे से किसी व्यक्ति ने फर्जी तरीके से अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट तैयार कर ली है, और तो ओर हॉस्पिटल की मोहर भी लगा ली है अगर पुलिस मामले की गहनता से जांच कर ले तो आरोपी को सलाखों से कोई बचा नही पायेगा।
डॉ0 आदित्य यादव का कहना है कि रिपोर्ट उसी पेपर पर तैयार की गयी है जिस पर डॉ आदित्य रिपोर्ट तैयार करते है। और रिपोर्ट में पुरुष के बच्चे दानी होना बताया गया जिससे कि हॉस्पिटल की साख खराब हो सके और डॉ आदित्य एवं उनके परिवार को किसी प्रकार जाल में फसाया जा सके।
इस बाबत जब डॉ आदित्य गुप्ता से बात की तो उन्होंने बताया कि मुझे जब इसकी सूचना मिली तो मैने अपना डाटा चेक किया उसमें इस व्यक्ति के नाम का कोई अल्ट्रासाउंड नही हुआ साथ ही न कोई ऐसी रिपोर्ट हमारे या उपलब्ध है श्री गुप्ता ने कहा नाम बगैरह लिखने में गलती हो जाती है या मेल की जगह फीमेल तो लिख जाता है लेकिन पुरुष के बच्चेदानी लिख देना ये बहुत बड़ी जांच का विषय है श्री गुप्ता का कहना है कल समस्त अधिकारियों को पूरे मामले से अवगत कराया जाएगा और इस मामले का प्रार्थना पत्र कोतवाल सहसवान को भी दूंगा जिससे कि साजिश रचने वाले दोषियों का खुलासा हो सके और इनके खिलाफ कठोर कार्यवाही हो सके।
आपको बताते चले कि पूर्व में भी डॉ रामनिवास गुप्ता हॉस्पिटल के खिलाफ लोगो ने कई साजिशें की लेकिन सफलता प्राप्त नहीं हो सकी। चूंकि बिसौली में एक हॉस्पिटल स्वामी ने डॉ आदित्य गुप्ता पर ही हॉस्पिटल में आग लगाने के आरोप उस वक़्त लगाए थे जब वे सहसवान में बैठकर मरीज देख रहे थे। पुलिस ने उस मामले में भी बारीकी से जाँच की थी और डॉ आदित्य को चलीं चिट मिली थी।भव
रिपोर्ट शाज़ेब खान चीफ एडिटर
