उत्तर प्रदेश-बदायूं से बड़ी खबर सामने आई है। दातागंज थाना क्षेत्र में पुलिस कस्टडी में एक 26 वर्षीय युवक की मौत के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। युवक को गुरुवार शाम दो पक्षों के बीच हुई मारपीट के मामले में पुलिस थाने लेकर आई थी। इसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ने पर अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान राजेश पुत्र शहजादे, उम्र करीब 28 वर्ष, निवासी अटसेना गांव के रूप में हुई है। जानकारी के मुताबिक गुरुवार शाम अटसेना गांव में दो पक्षों के बीच मारपीट हुई थी। इस दौरान कुछ लोग घायल भी हुए थे। इसी मामले में पुलिस राजेश को पूछताछ के लिए थाने लेकर आई थी। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने उसे थाने में बैठाकर रखा था।
पुलिस का कहना है कि थाने में अचानक राजेश की तबीयत बिगड़ गई। इसके बाद पुलिस आनन-फानन में उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दातागंज लेकर पहुंची। हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जिला अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने राजेश को मृत घोषित कर दिया।
वहीं परिजनों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। परिजनों का आरोप है कि राजेश की मौत थाने में ही हो चुकी थी। उनका यह भी आरोप है कि अस्पताल में भी उसकी हालत के बारे में जानकारी होने के बावजूद उसे जिला अस्पताल रेफर किया गया और परिवार के किसी सदस्य को उसके साथ नहीं भेजा गया। इस पूरे मामले में अब थाने में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज बेहद अहम मानी जा रही है। सीसीटीवी फुटेज से यह स्पष्ट हो सकता है कि राजेश को थाने कब लाया गया उसकी हालत कैसी थी और तबीयत बिगड़ने के बाद पुलिस ने क्या कार्रवाई की।
ग्रामीणों के मुताबिक गुरुवार को गांव में भंडारे की दावत के दौरान शराब के नशे में दो पक्षों के बीच विवाद और मारपीट हुई थी। ग्रामीणों ने गांव में कथित तौर पर अवैध शराब के कारोबार का भी आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि इस संबंध में पुलिस से कई बार शिकायत की गई लेकिन कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। फिलहाल युवक की मौत के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में है। मामले की निष्पक्ष जांच और सीसीटीवी फुटेज की जांच के बाद ही मौत की वास्तविक वजह पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।
रिपोर्ट शाज़ेब खान चीफ एडिटर
