बदायूं-सहसवान सिविल जज जूडी के न्यायालय में चल रहे बाद संख्या 269/2024 बृजपाल बनाम गंगाराम के नाम से चल रहे बाद के बावजूद भूमाफिया ग्राम कयावली के गाटा संख्या 201 भूमि रखवा 10,10 जो अभिलेखों में तालाब खाद के गद्दे होलका दहन के नाम दर्ज है जिसमें पूरे गांव का दूषित पानी जाता है|जिस पर ग्राम के ही भूमाफिया कमल सिंह टीकम सिंह जगदीश पुत्र डालचंद तेजपाल, पूरनलाल पुत्रगण श्यामलाल सूरजपाल पुत्र सेपटकर महिपालपुर रामफल विपिन महेंद्र प्रदीप पुत्रगढ़ कमल सिंह शेखर पुत्र पूरणमल नेमसिंह पुत्र तेजपाल नया पुत्र रामसिंह तथा वर्तमान प्रधान जय नारायण के द्वारा अवैध रूप से उपरोक्त भूमि पर जबरन कब्जा किया जा रहा है ।जबरन कब्जा किए जाने से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है ग्रामीणों का कहना है कि उपरोक्त भूमिगत संख्या 201 सार्वजनिक भूमि है जिसमें तालाब खाद के गड्ढे होलिका दहन सैकड़ो वर्षों से होता चला रहा है यह ही नहीं उपरोक्त ग्राम में पूरे ग्राम का दूषित पानी बरसात का पानी उपरोक्त एक मात्र तालाब है।
आपको बताते चले अभी दो दिन पूर्व ही न्यायालय के आदेश के बाद सहसवान में भी भूमाफियाओं ओर पत्रकारों और वकीलों पर मुकदमा दर्ज हुआ है पूरा प्रकरण वो भी 420 का है उनको भी मौरूसी जमीन दिखाकर सरकारी जमीन बिक्री कर दी गई।जब पीड़ित अपनी 55 लाख की जमीन पर कब्जा लेने गया तो वहां तो कोई और कब्जेदार मिला तब पीड़ित को ज्ञात हुआ कि उसके साथ भूमाफियाओं ओर उनके पूरे गिरोह ने उसके साथ धोखाधड़ी कर दी।वैसा ही कुछ मामला अब ये सामने आया है कि उपरोक्त तालाब बंद होने से पूरे गांव में पानी का बोलबाला हो जाएगा लोग होली पर किस स्थान पर आएंगे साथ ही साथ ग्राम का मेला कचरा किस स्थान पर एकत्रित करेंगे यह प्रश्न ग्रामीणों के जहन में बार-बार कौंध रहे हैं|कि आखिर इस गांव का भविष्य कितना खराब होगा|परंतु भूमाफिया द्वारा किए जा रहे कृत से पूरा ग्राम परेशान होता है उनका कृत एक मानवीय अपराध की श्रेणी में आता है।
ऐसा नहीं कि ग्रामीणों ने आला अधिकारियों को फोन न किए हो परंतु फोन अटेंड करने के बावजूद भी आलाधिकारी चुप्पी साथ गए उन्होंने भी ग्रामीणों की इस समस्या पर कोई महत्वपूर्ण निर्णय लेना उचित नहीं समझा इसके कारण ग्रामीणों का आक्रोश चरम सीमा पर है ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री आइजीआरएस पोर्टल पर शिकायत करते हुए सुप्रीम कोर्ट के आदेश कि किसी भी खाद गड्ढे तालाब होलीका दहन आदि भूमि कब्जा किसी भी कीमत पर ना किया जाए परंतु भूमाफियाओं को सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की कोई परवाह नहीं है।भू माफिया उसके बावजूद भी सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की धज्जियां उड़ाते दिखाई दे रहे हैं।
शिकायती पत्र में किशन लाल पुत्र भवानी ब्रजपाल पुत्र गंगाराम महावीर पुत्र चेती हरिद्वार पुत्र होरीलाल चरण सिंह पुत्र गजराम, थान सिंह पुत्र गंगाराम आदि सहित अनेक लोगों के हस्ताक्षर है।
ग्रामीणों का कहना है|अगर समय रहते हैं उपरोक्त भूमाफियाओं को अवैध रूप से अतिक्रमण करने से नहीं रोका गया तो ग्रामीण कभी भी उग्र रूप धारण कर सकते हैं जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
रिपोर्ट शाज़ेब खान चीफ एडिटर
